हैल्लो दोस्तों.. में आप सभी के सामने एक सेक्स एनकाउंटर लेकर आया हूँ। एक दिलचस्प सेक्स कहानी जो पूरी तरह एक सच्ची कहानी है।  जिसमे में आज आप सभी को उस कहानी की सभी सच्चाई बताऊंगा और अब में आप सभी का ज्यादा समय खराब ना रकते हुए सीधा अपनी कहानी पर आता हूँ। दोस्तों मेरी एक दूर के रिश्ते में भाभी है उनकी उम्र करीब 28 साल के करीब होगी और उनके फिगर का साईंज मुझे पूरा पता नहीं है बूब्स बड़े और भरे हैं, कमर हेल्थी है और पेट पर सल पड़ते हैं, रंग एकदम गोरा है। ये कहानी उस समय की है जब में अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए दिल्ली के एक कॉलेज में पढ़ता था। मेरे गाँव के एक ताऊजी अपनी फेमिली के साथ मेरे कॉलेज के पास वाली एक कोलोनी में रहते हैं।

में स्कूल टाईम से ही उनकी फेमिली से बहुत करीब हूँ और मेरी उनसे बहुत अच्छी तरह बातचीत हैं। हमारे ताऊ जी की फेमिली में उनके दो बेटे और एक बड़े बेटे की बहू यहाँ पर रहती है और बाकी लोग गावं में रहते हैं। तो मेरे ताऊ जी के दोनों बेटे यानी मेरे भाई नौकरी करते हैं और ताऊ जी की भी गावं में एक अच्छी नौकरी है। बड़े भैया की शादी को 6 साल हो गये हैं और उनके दो बच्चे है वो एक स्कूल में प्री-नर्सरी और नर्सरी क्लास में पढ़ते है और भाभी सारे दिन घर में ही रहती हैं और घर के सभी काम ख़त्म करके टीवी पर मजे करती हैं।

में शुरू से ही ज़रा सेक्स के प्रति ज्यादा रूचि लेता रहा हूँ.. तो में भाभी की शादी के टाईम से ही उनका एक अच्छा दोस्त बनने की कोशिश करता रहता था और इसी तरह एक दिन हमारी दोस्ती भी हो गयी थी। वो मेरे साथ बहुत मजाक भी किया करती थी.. लेकिन उन्होंने शायद मेरे साथ सेक्स करने के बारे में कभी सोचा भी नहीं था। अभी तो में कॉलेज में हूँ लेकिन जब में स्कूल में था तब एक बार में भैया के साथ उनके घर चला गया। मेरी स्कूल में दो दिन की छुट्टियाँ थी तो सोचा थोड़ा मूड चेंज हो जाएगा। भैया और बाकी सभी लोग ऑफीस चले गये और में भाभी के साथ घर में वही नॉर्मल काम काज में लगा था। मुझे भाभी के साथ बातें करना, उन्हें हंसते हुए देखना और उन्हें छूना करना बहुत पसंद है। वो भी मुझे अपने हाथों से खाना खिलाती, मेरे गले में बाहें डालती और हँसी मज़ाक करती और हम दोनों एक दूसरे के साथ बहुत मजे करते थे।

फिर दोपहर में लंच करने के बाद भाभी सोने चली गयीं और मुझसे कहा कि जब सोना हो तो मेरे पास आ जाना। में उस वक्त एक स्कूल बॉय ही था और थोड़ी देर टाईम पास करने के बाद में भाभी के साथ ही लेट गया सर्दी का मौसम था और भाभी कंबल में थी.. तो में भी उसी में घुस गया।

भाभी गहरी नींद में थी लेकिन मुझे तो नींद नहीं आनी थी तो में यूँ ही लेटा रहा। तभी थोड़ी देर बाद जब शरीर गरम होने लगा तो मेरी नियत खराब होने लगी.. लेकिन में सेक्स के बारे में ज़्यादा नहीं जानता था। मुझे सिर्फ किस्सिंग और टचिंग का पता था और असली काम नहीं पता था.. लेकिन लंड का खड़ा होना और सेक्सी विचारों का आना मेरे साथ उस उम्र में बहुत स्वभाविक था जैसा हर किसी के साथ होता है। तभी मेरे दिमाग़ में भाभी को छूने का ख्याल आया तो मैंने धीरे से अपना हाथ पहले उनके लाल होठों पर लगाया वो सीधी होकर लेटी हुई थी और हमारा बेड भी एक ही था तो बीच में ज्यादा जगह होने का सवाल ही नहीं उठता।

फिर भाभी ने नींद में ही मुझे अपनी बाहों के घेरे में भर लिया और अब में उनसे बिल्कुल चिपका हुआ था। दोस्तों सही में तो कहूँ तो वो बहुत सेक्सी थी उनको देखकर अच्छे अच्छे के लंड खड़े हो जाए। मेरा लंड खड़ा था और में उसे उनके शरीर पर रगड़ रहा था। फिर धीरे से में अपना हाथ उनके पेट पर घुमाता रहा उन्हें कुछ पता नहीं था कि क्या हो रहा है और फिर मैंने हाथ और ज्यादा अंदर घुसाया और उनके पेटीकोट के नाडे के नीचे से होते हुए हाथ उनकी झांटो के एरिया में घूमता रहा और उनकी सांसो की महक भी ले रहा था और सावधानी भी बरत रहा था.. जिससे कि वो एकदम से जाग ना जायें। फिर मैंने बहुत देर तक इसी मुद्रा को कायम रखा.. लेकिन इसके आगे कुछ नहीं हुआ और फिर में भी सो गया और शाम को भाभी के साथ ही जागा।

तभी शाम को हम सभी ने साथ में चाय पी और भैया भी आ गये और फिर कभी कभी में चुपकर उनकी आपसी छेड़छाड़ भी देखता था और फिर ऐसे ही टाईम खत्म होता गया। फिर पढ़ाई की वजह से में उनके साथ ज़्यादा वक़्त नहीं बिता सका.. लेकिन अब स्कूल ख़त्म करने के बाद में कॉलेज में हूँ और किस्मत मेरा कॉलेज उनके घर के पास ही है। अब में अक्सर उनके घर जाता हूँ कभी कभी तो कॉलेज न जाकर में केवल भाभी से मिलने के लिए उनके घर जाता हूँ और ऐसा करते वक़्त में इस बात का ज्यादा ख़याल भी रखता हूँ कि में उनके घर तब जाऊँ कि जब सब लोग ऑफीस जा चुके हो। इसलिए में अक्सर 10 बजे के बाद ही उनके घर जाता था और दिन भर वहाँ रहकर शाम को अपने घर लौट जाता वैसे भी कॉलेज पास होने की वजह से भैया कहते थे कि घर आ जाया करो लंच वगेरह और कभी आकर आराम कर लिया करो।

फिर एक दिन में भाभी के घर गया और भाभी ने बड़े खुश होकर मेरा वेलकम किया और कहने लगी कि क्या बात है आज बहुत दिनों के बाद भाभी की याद आई? आओ आओ अंदर आओ बैठो कैसे हो। तभी मैंने भी अच्छे से उनका जवाब दिया और फिर वो चाय बनाने के लिए उठी तो मैंने उनका हाथ पकड़ कर उनसे मना किया लेकिन वो नहीं मानी फिर हमने चाय पी उन्होंने शिफान की साड़ी पहनी थी और उसी के रंग का ब्लाउज बूब्स बड़े होने के कारण ब्लाउज नीचे की तरफ झुक रहा था और बाल खुले हुए थे। शायद मेरे आने से पहले वो बाल ही बना रही थी। फिर उन्हें देखते देखते चाय कब ख़त्म हो गयी पता ही नहीं चला। चाय पीते हुए एक बूँद उनके निचले होंठ पर लग गयी जिसे देखकर मन कर रहा था कि में उसे अपने होठों और जीभ से साफ कर दूँ लेकिन ऐसा नहीं हो सकता था। इतने में भाभी ने स्वयं ही होठों पर जीभ फेरते हुए उसे साफ कर दिया उनके गुलाबी होंठ बहुत सुंदर हैं। फिर हम दोनों टीवी देखने लगे कोई एक पुरानी फिल्म आ रही थी में बेड पर लेटा हुआ था और भाभी नीचे जमीन पर लेटी हुई थी और में फिल्म कम और भाभी को ज़्यादा देख रहा था। उनका गोरा और मोटा पेट देखकर मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया था।

तभी इतने में फिल्म में सुहागरात का सीन आ गया.. पुरुष ने महिला की गर्दन पर किस किया फिर उसके होंठो पर अपने होंठ रगड़ने लगा। ये देखते हुए हम दोनों ने एक दूसरे की तरफ देखा और में थोड़ा शरमाने का नाटक करने लगा.. भाभी फिर टीवी देखने लगी। मेरा दिल कर रहा था कि अभी बेड से नीचे उतरकर भाभी के पास लेट जाऊं और उन पर चड़ जाऊं.. लेकिन ख़ैर जैसे तैसे शाम हुई और सभी लोग ऑफिस से घर आ गये। फिर मैंने अपने घर फोन कर दिया कि मुझे आज भैया के घर पर ही रुकना है और मैंने भैया से बात भी करवा दी। फिर रात को मैंने भैया की लूँगी पहनी और शर्ट पहनकर सारे घर में घूमता रहा और उनके साथ वक़्त बिताया। रात को बहुत देर तक हम सब बातें करते रहे और टीवी पर कार्यक्रम देखते रहे.. भाभी मुझसे भैया के सामने ही मजाक़ करती लेकिन में कोई जवाब नहीं देता और एक अच्छे बच्चे की तरह बर्ताव करता। सुबह फिर सब लोग अपने अपने काम में लग गये।

फिर सबके जाने के बाद मैंने देखा कि भाभी अपनी छत के पंखे को साफ कर रही हैं तो मैंने पास जाकर उनकी मदद करने को कहा.. पहले तो वो मना करने लगी फिर मैंने ही उनको कमर से पकड़ कर साईड में किया और पंखा साफ कर दिया। उस वक्त में लूँगी में ही था। तभी उन्होंने कहा कि उन्हें मेरा लूँगी पहनने का तरीका बहुत अच्छा लगा। तभी मेरी आँख में कुछ गिर गया तो में वहीं बेड पर बैठ गया और भाभी ने जल्दी से अपनी साड़ी के पल्लू से मेरी आँख साफ की। फिर उसे फूँक मारी अब सब ठीक था और भाभी बहुत घबरा गयी और कहने लगी कि में मना कर रही थी.. तुम माने ही नहीं। तभी मैंने कहा कि चिंता मत करो.. में बिल्कुल ठीक हूँ।

फिर में नहाने चला गया और जब नहाकर बाहर आया तो मैंने भाभी से कहा कि मेरे अंडर गारमेंट्स मैंने धो दिए हैं भैया की कोई रखी हो तो दे दो। फिर वो थोड़ी देर बाद आई और जानबूझ कर मुझे अपनी एक सफेद कलर की ब्रा देकर मुझे चिड़ाती हुई चली गयी मैंने भी हंसते हुए वो ब्रा रख ली और फिर में अपने कपड़े पहनकर तैयार हो गया लेकिन वो ब्रा मैंने अपने पास रख ली और भाभी को वापस नहीं दी। उस दिन शाम को जब में घर जाने लगा तो उन्होंने मुझे बहुत रोका.. लेकिन में नहीं रुक सकता था। तभी वो थोड़ी नाराज़ हुई.. लेकिन मेरा वहाँ पर रुकने का कोई रास्ता नहीं था और में निकल ही रहा था कि उन्होंने मुझे अपने रूम के गेट पर रोका और बोली कि में तुम्हे तब जाने दूँगी जब तुम मुझे एक किस करोगे? तभी में सन्न रह गया और मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि ये भाभी क्या कह गयीं? तभी भाभी कहने लगी कि शरमाओ मत मुझे चुम्मा दे दो और फिर चले जाना। अब अंधे को जैसे आँखें मिल गयी हो में बड़ा खुश हुआ और समझ गया कि जैसे में भाभी को पाना चाहता हूँ वैसे ही भाभी भी मुझे चाहती है। उनकी दोनों बेटियाँ उसी रूम में थी.. इसलिए मैंने भाभी के गले में बाहें डालकर कहा कि भाभी यहाँ पर नहीं.. चलो दूसरे रूम में चलते हैं। फिर मैंने वहाँ पर जाकर पहले उनके गालों पर बहुत चूमा चाटा और पप्पियाँ ली। फिर मैंने होठों को बहुत रगड़ा जमकर जीभ से चटाई की उनकी गर्दन और कानों को चूमा.. फिर उनकी कमर में हाथ डालकर उन्हें सीने से चिपका लिया और आखरी में उनकी छाती को किस किया।

अब हम दोनों का चेहरा लाल हो रहा था हम इसके आगे नहीं बड़ सके क्योंकि मुझे जाना भी था और फिर सबके घर पर आने का टाईम भी होने वाला था। तभी वो मेरे साथ गेट तक आईं और में उनसे गले मिला फिर उनके कूल्हों को सहलाकर वहाँ से बाहर चला गया। फिर घर पहुँचते पहुँचते मेरी हालत खराब हो गयी थी। में रास्ते भर भाभी के बारे में सोचता रहा और जब घर पहुँचा तो मेरा लंड तना हुआ था और इस तरह अकड़ गया था कि सू सू करना भी मुश्किल हो गया था और मैंने भाभी को अपने सामने महसूस करते हुए मुट्ठी मारी तब कहीं जाकर लंड कुछ शांत हुआ लेकिन लंड के नीचे आंड में बहुत दर्द अभी भी था.. ऐसा लग रहा था कि जैसे सारा वीर्य यहीं पर जमा हो गया है।

अब तो मेरा सारा ध्यान उन्हीं में लगा रहता था। में घर से कॉलेज निकलता और फिर कुछ समय कॉलेज में रहने के बाद भाभी के घर पहुँच जाता। तभी में भाभी के घर पहुँचा दरवाजे पर लगी घंटी बजाई तो कोई जवाब नहीं मिला.. थोड़ी देर बाद भाभी की आवाज़ आई (उन्होंने मुझे दरवाजे के होल से देखा) और कहा कि में नहा रही हूँ लेकिन में कुण्डी खोल रही हूँ तुम दो मिनट बाद अंदर आ जाना तब तक में बाथरूम में वापस चली जाऊंगी। तभी मैंने कहा कि ठीक है और मैंने वैसा ही किया फिर अंदर घुसते ही दरवाज़ा बंद करके कुण्डी लगा दी और कमरे में बैठ गया। तभी थोड़ी देर बाद भाभी नहाकर बाहर आई.. उन्होंने ब्लाउज और पेटिकोट पहना हुआ था और उनके बालों से पानी टपक रहा था जो ब्लाउज को गीला कर रहा था और उनकी ब्रा के दर्शन भी करवा रहा था। में तो घर से ही लंड खड़ा करके आया था और ये सब देखकर मेरे लंड महाराज और भी कड़क हो गये। फिर मैंने झट से उनको बाहों में भर लिया और गालों को थोड़ी देर चूमने के बाद में उनका पेट को चाटने और चूमने लगा वो मेरे बालों में उंगलियाँ घूमाती हुई बोली कि इसमे क्या रखा है ऊपर आओ ना और तेज़ी से मुझे अपने होठों से लगा लिया उम्म्म ऊऊ ऐसी आवाज़ों से कमरा गूँज रहा था।

में तो इतना गरम हो गया कि समझ में ही नहीं आ रहा था कि कहाँ से शुरू करूँ और कैसे करूँ? तभी भाभी मेरा उतावलापन समझ रही थी। फिर उन्होंने मुझे रोका और कहा कि अभी तो सारा दिन है हमारे पास आराम से करेंगे.. अब में तुम्हारी ही हूँ। फिर मुझे अलग करके उन्होंने अपनी साड़ी जो टेबल पर रखी थी वो पहनने लगी थोड़ी ही पहनी होगी की मैंने उन्हें रोका और कहा कि

में : भाभी तुम्हारे गीले बालों से तुम्हारा ब्लाउज और ब्रा गीले हो गये हैं इन्हें चेंज कर लो।

भाभी : मेरी एक ब्रा धुल गयी और दूसरी ये भीग गयी अब तीसरी कहाँ से लाऊँ।

में : में ला सकता हूँ तीसरी ब्रा।

भाभी : वो कैसे?

तभी मैंने अपनी जेब में रखी हुई उनकी वही ब्रा निकाली जो उन्होंने मुझे मजाक़ में दी थी.. भाभी हंस पड़ी और मुझे सीने से लगा लिया।

में : अब में आपकी ये भीगी हुई ब्रा उतारूंगा और ये पहनाऊँगा जो में लाया हूँ।

भाभी : नहीं में खुद चेंज कर लूँगी.. तुम क्यों परेशान होते हो?

में : भाभी इस परेशानी के लिए ही तो में कब से तैयार हूँ.. इतना कहकर मैंने भाभी के ब्लाउज के बटन खोल दिए और उनके बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबाने और चूसने लगा। फिर मैंने उन्हें खुद से चिपका लिया और उनकी पीठ पर हाथ ले जाते हुए उनकी ब्रा को खोल दिया.. उनके दोनों बूब्स जब बाहर आ गये थे। वो मेरे सामने तनकर खड़े थे। फिर मैंने उन्हें बारी बारी से मुँह में भरकर बहुत चूसा.. मेरी उंगलियों और हाथों के निशान उन पर बन गये थे। भाभी के मुँह से सिसकियाँ निकल रही थी और कह रही थी वाह तुम मेरे कितने अच्छे देवर हो उई माँ रे। अब मैंने उनके पेट को चूमते हुए पेटिकोट को ऊपर उठाया और भाभी को वहीं बेड पर लेटा दिया.. उनकी जांघें मोटी और भरी हुई थी.. रंग गोरा और हाथ फैरने पर उन्हें करंट सा लग जाता था।

फिर जब में उनकी जांघों को सहलाते हुए इनकी चूत में उंगली डालता तो ऐसा लगता कि उनकी चूत के अंदर पानी उबल रहा हो। में उत्तेजित हुआ जा रहा था और अपने कपड़े उतारकर फेंक चुका था। फिर में भाभी की चूत में ऊँगली कर रहा था और भाभी मेरे लंड को हाथ में लेकर चमड़ी को आगे पीछे कर रही थी। फिर थोड़ी देर बाद भाभी सीधी होकर मेरे लंड को चूसने लगी।

में : ओह भाभी उफ़फ्फ़ ओह क्या नशा है भाभी उम्म्म और में भाभी के बालों में उंगलियाँ डालकर सहला रहा था और उनके शरीर को भी छेड़ रहा था।

भाभी : अब तुम तैयार हो जाओ और मुझे आसमान की सैर करवाओ.. में भी तो देखूं इस लंड में कितनी जान है ओह अह्ह्ह। तभी मैंने भाभी से कहा कि में पहले नीचे लेटता हूँ तुम ऊपर से सवारी करो। तभी भाभी ने वैसा ही किया उनकी चूत पहले से ही खुली हुई थी.. मैंने लंड को सीधा किया और भाभी को उस पर बैठा लिया उनकी चूत बिना किसी परेशानी के एक बार में ही मेरा पूरा लंड निगल गयी और मुझे पता भी नहीं चला कि कब मेरा लंड उनकी चूत की गहराइयों में डूब चूका था।

भाभी : ओहं अह्ह्ह्ह मर गयी मजा आ गया है देवर जी बड़ी गुदगुदी हो रही है देवर जी और तेज़ करो और तेज़।

तभी में नीचे से और तेज़ी के साथ धक्के मारने लगा और वो ऊपर से अपना संतुलन बनाकर पूरा पूरा लंड चूत के आखरी छोर तक ले जा रही थी और में उनकी कमर पकड़ कर उन्हें सहारा दे रहा था.. जिससे वो बड़ी आसानी से लंड को चूत से बिना बाहर निकाले अंदर बाहर कर रही थी और पूरे कमरे में आवाज़ें गूँज रही थी.. फूच स्लूप उम्म्म। तभी थोड़ी देर बाद हमने पोज़िशन बदली। अब भाभी नीचे और में उनके ऊपर था। मैंने अपना तना हुआ लंड उनकी चूत से निकाला और एक हाथ से गीला लंड पकड़ा और सीधे उनकी चूत के मुँह पर निशाना लगा दिया और एक ही झटके में पूरा लंड चूत के अंदर और भाभी सातवें आसमान पर और मुझे भी इतना मज़ा आ रहा था कि समझ ही नहीं आ रहा था कि कहाँ कहाँ पर गुदगुदी हो रही है बहुत देर तक हम उसी पोज़िशन में अंदर बाहर करते रहे।

भाभी : ऐ मेरे छोटे से देवर तुम कितने बड़े हो गये हो.. मुझे पता नहीं चला ओह्ह्हहू तुम मेरे राजा हो ओह्ह्ह्ह अह्ह्ह कहते कहते भाभी का शरीर अकड़ गया और कमान बनकर छूट गया और वो झड़ गई। तभी मैंने भी अपनी स्पीड बड़ाई और थोड़ी देर में ही सारा वीर्य भाभी की चूत में ही छोड़ दिया। हम दोनों इस चुदाई से पूरी तरह संतुष्ट थे और भाभी मुझे बहुत देर तक चूम रही थी और फिर में उनके बूब्स का चूस चूसकर मजा ले रहा था। फिर हमारा ये प्यार बहुत दिनों तक चलता रहा और में उनकी चुदाई करता रहा ।।

Write A Comment


Online porn video at mobile phone


hindi sex letestchudastorrschato pati ke dost xxx kahanianter vasan sexsexhind co..CHOTHE BHANKE CHUDAHE STOREek lady ko train me chheda aur choda kahaniX Video xnxn Bhabika doodh piyachudaai se choot ki rakkasha xxxxxxसाली चुत bule filmXXX MUSLMANI DESI BHAI BHAN MEDAM GHD MARA KHETME XXX HINDI KAHANआटी चोदनेकी कहानी. maa ki jangal xxx kahanebur.marati.buya.bhathije.se.Kamra lagaker chodta han xnxxJiju se chud ke maa bani kahanixxx khañi hinditrain me ek budde se chudvaya meneAPANI BADI MAA BUR GRAM BADAN XXX HINDI KAHANIचुतमार पापाbhikhari ne jawan chot choda hindi sex kahaniभाई ने की जमकर चूदाई और मे ठीक से चल ही नही पाईzeher nikalne ke bahane dada ne chudai kiदीदी की जबानीIndian ऑनलाइन अभी कीsex.vioesantarvasna photos desi closeuphindi xxxkahne vidoesexy chut chudai hindi kahani 16 sal garl ke satpahado mein chudai storiesMama ne malish ke bahane chodaसहर की औरत की सेक्स पोर्न स्टोरीस2018 मे सेएस मोटा कमrehka ne karbai apni chudai dum se xxx hindi movieहिंदी चुदाई लिखी होई पढ़नामम्मी की चुदाई करके रखेल बनायाxxx porn dadi mom ko bete kisix kahanimujhe Hindi mein chudai wali film chahiye download hone wali Mastani Hindi film downloadulta krke chodnabedrm kahsni hindikamukta hide xxx storessex kahani reste me.Hindi.story.गांवा.माँ, xasbarsat me chudai pariwar meMY BHABHI .COM hidi sexkhanePaswan lund ki ek sath chudaixxx video 2018 janaromastram ki seal todनई नई आनटी ने चुत मराई भतीजे से सेकसी कहानी हिन्दी मैशानदार भाभी को चोदा भतीजेने sexkahanisaxy.hindi.stories.parwar.group.sax.mastramgandi bate mobikama hindi xxx Sister bua mami aur main Hindi sexi kahaanimaasex.kahiani.hind.maa ne bhai se shadi krwai sex storyपूजा की सेक्सी आने-जाने पापा की सेक्सी फोटो की सेक्स फोटो सेक्स करते हुए बच्चे के सामने जाने जाने सेक्सmastram ki sex kahaniya paltu prani ke sathपापा की बेरहम चुदाईxxx khani hindi me malis kiinden sex kahanedehatisexstroy.comhindesixe.comसेकसी सास ने दी बीयर पारटी हिन्दी कहानियांसेक्सी एकता औरत उसकी मम्मी वंदना से सेक्सwwwsex basiसेक्सी काहानि चाची कीall dise maa bita xxx cudi kahani maa ke jubanibeti ke saath gang bang chudaiसेक्सी वीडियोshuhag rat ke din dewar or bhabhi kaxxxkhani dog inhindiRiston me chudayi kahani बहन भाई चुदाई कुमूतका कहाणी हिन्दी सेक्सी कहांनियाmere palagn pe devar ka dam xxx kahanigunjan.shingha.holi.video.भाइ बहन की सेक्सी कहानिया व शादी कर लिkamukta.com रिश्तो में च****madm xxx satory hindiखाला की चूत चार लोगो ने रात भर चोदिxxxvsomkingचुत कि चूदाई तेल लगाकर -youtube -site:youtube.comxxx bhai ne bhan ki choda in patial mechachi ke kam Anushree chudaianatarwasna sex storypron free xnxxxx xbahan ko dwa khila kar choda bhaiantervsna.xnx antharvasana hinde khaneyaX story BHABHI BHAN ka REPhaaan maine bhi pyaar khia ha video downloadbap ne chod kar pregnent banaya hindi sexy storyjanwar se aurat aur ladki ki chudai ki kahani in hindi.combudi dadi maa ke sath bete ne jabardasti rep kiya ful hd xnxx videos .comdidi mujhe aapko dekhna h sex story45 sal chudai hind storybakaner all rndixxxx real videos karri chudai