हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम आलोक है और में अपनी आज की कहानी शुरू करने से पहले आप लोगों को अपने बारे में बता दूँ.. वैसे तो में आगरा का रहने वाला हूँ.. लेकिन आजकल में पुणे में नौकरी कर रहा हूँ. मेरा लंड 6.5 इंच लंबा और 3 इंच मोटा है और अब में आपको ज़्यादा इंतजार नहीं करवाऊंगा और सीधा अपनी आज की कहानी पर आता हूँ.

दोस्तों यह मेरी पहली कहानी है.. तो अगर मुझसे कोई भी ग़लती हो तो माफ़ करना.. यह कहानी मेरी और मेरी गर्लफ्रेंड मेघा की है. मेघा 27 साल की लड़की है और वो दिखने में बहुत सुंदर तो नहीं है.. लेकिन एक पंजाबन होने के कारण उसने अपना फिगर बहुत अच्छी तरह से संभालकर रखा है और उसके फिगर का साईज करीब 36-26-36 होगा. उसके बहुत बड़े बड़े बूब्स है और बिल्कुल गोल है और वो जब चलती है.. तो गांड दोनों तरफ मटकती है और मैंने कॉलेज में बहुत बार उसको देखकर मुठ मारी है.

अब में अपनी आज की कहानी शुरू करता हूँ. दोस्तों मेघा मुझे पहली बार मेरे कॉलेज में मिली और जब उसने मुझे पहली बार देखा.. तो उसके देखने के तरीके से मुझे लगा कि इस लड़की को में पसंद आ गया हूँ और मैंने सोचा कि कॉलेज से जाने से पहले इसकी चूत एक बार तो ज़रूर मारूँगा.

फिर शुरुआत में उससे नॉर्मल ही व्यहवार रखा और फिर में दूसरे सेमेस्टर में ऑस्ट्रेलिया चला गया.. लेकिन मैंने लगातार उससे सम्पर्क बनाए रखा और जैसा में चाहता था.. वैसा ही हुआ और अब धीरे धीरे उसको मेरी आदत पढ़ गयी. फिर में समझ गया कि अब मेरा काम हो गया और वापस जाकर इसकी चूत मिलने में मुझे ज़्यादा समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. फिर जब में वापस आया.. तो हम लोग और भी ज़्यादा समय एक दूसरे के साथ बिताने लगे और धीरे धीरे अपनी ऐसी बातें जो कि किसी को नहीं बतानी चाहिए.. वो भी शेयर करने लगे.

एक दिन अच्छा मौका देखकर मैंने उसको प्रपोज़ कर दिया और उसने स्वीकार कर लिया और मैंने उसको कह दिया कि में उससे शादी भी कर लूँगा.. जबकि वो मुझसे तीन साल बड़ी थी.. दरअसल मेरे बड़े भैया की भी लव मैरिज हुई थी और उनकी पत्नी भी उनसे बड़ी थी.. तो वो मान गयी. अब हम हर रोज़ ही अकेले घूमने जाने लगे और कभी कभी हम कॉलेज के बाहर भी जाने लगे और फिर मैंने एक दिन उसको चोदने का प्रोग्राम बनाया.. वो शुक्रवार की शाम थी और हम बाहर घूम रहे थे और फिर अच्छा मौका देखकर उससे बोला.

में : यार यहाँ तो हमे रोज़ कोई ना कोई देख लेता है और हम दोनों एक साथ ज़्यादा समय नहीं बिता पाते. ( दोस्तों मैंने यह बहुत उदास सी आवाज में कहा )

मेघा : हाँ.. लेकिन अब क्या चाहिए तुम्हे (और उसने एक शरारती स्माईल दी)

में : मतलब कुछ टाईम सिर्फ़ हम दोनों और कोई ना हो.. तुम में केंडल लाईट डिनर और थोड़ी सी शेम्पियन वगेरा.

मेघा : इसमे क्या है? हम किसी दिन बाहर चलते है.

में : क्या सच्ची?

मेघा : हाँ मुच्ची.

में : तो क्या कल ही चले?

मेघा : क्या कल.. हम इतनी जल्दी कहाँ का प्रोग्राम बनाएँगे?

में : में हूँ ना तुम मुझ पर छोड़ दो.. तुम बस कल सुबह तैयार रहना.. हम कल कॉलेज बस से सुबह सिटी चलेंगे और में दो टिकट ले लूँगा.

मेघा : ठीक है.. लेकिन अभी तो मुझे होस्टल छोड़ आओ.

में : हाँ क्यों नहीं.. मेरी जान.

फिर अगले दिन सुबह हम कॉलेज बस से सिटी चले गये और एक मॉल के आगे उतर गये और फिर उसने कहा कि अब क्या प्लान है? तो मैंने उससे कहा कि यहाँ पीछे एक होटल है. मैंने उसमे एक रूम बुक किया हुआ है और हम दिनभर बहुत मज़े मस्ती करेंगे. उसने मुझे अजीब सी नज़रों से देखा.. लेकिन कुछ भी नहीं बोला और मैंने सोचा कि आज तो मेरा काम हो जाएगा. दरअसल मैंने रूम दो दिन के लिए बुक करवाया था. दोस्तों फिर हम होटल चले गये और वहाँ पर जाकर हमने अपने बेग साईड में फेंक दिए और बातें करने लगे.. हमने क़रीब एक घंटे तक बातें की.

फिर मैंने बातों को एकदम प्यार की तरफ घुमा दिया और बात करते करते में उसके बहुत करीब आ गया और फिर अचानक में उसके होंठो पर एक किस करके पीछे हट गया. उसने मुझे बहुत घूरा.. लेकिन कुछ नहीं कहा और मैंने हिम्मत करके फिर अपने होंठ उसके होंठ पर लगा दिए और उसको एक लंबा सा स्मूच दिया. इस बार उसने भी मेरा साथ दिया और हमारा वो स्मूच क़रीब दस मिनट तक चला. फिर जब यह खत्म हुआ.. तो मैंने उससे बोला कि मेघा में तुम्हे प्यार करना चाहता हूँ.. बहुत सारा प्यार.

फिर वो बोली कि नहीं आलोक यह सब बहुत ग़लत है.. हमे शादी से पहले कुछ नहीं करना चाहिए. फिर मैंने फिर से बिगड़ा हुआ मुहं बना लिया और बोला कि कर तो रहा हूँ तुमसे शादी और क्या सिर्फ़ शादी करने से ही पति, पत्नी बनते है? मेघा यह रिश्ता तो मन का होता है.. साथ फेरों से कुछ नहीं होता और तुम जानती हो मुझे यह सब पसंद नहीं. फिर बहुत देर मनाने के बाद वो ओरल सेक्स के लिए तैयार हो गयी और मैंने मन ही मन सोचा कि पहले यह कर लूँ.. बाद में थोड़ा बहुत गरम होकर यह अपने आप हाँ करेगी.

फिर मैंने उसको अपनी बाहों में एकदम टाईट पकड़ लिया और एक ज़ोरदार वाली किस दी और किस करते हुए में बीच बीच में उसके होंठ भी काटता.. कभी ऊपर वाला होंठ.. तो कभी नीचे वाला और अपनी जीभ को उसके मुहं में डालने लगा और अब धीरे धीरे वो भी ऐसा ही करने लगी. फिर किस करते हुए ही मैंने अपना एक हाथ पीछे से उसकी टी-शर्ट के अंदर डाल दिया और उसके नंगे जिस्म पर फेरने लगा. फिर धीरे धीरे वो गरम होने लगी और उसकी साँसें तेज़ होने लगी. इसी दौरान मैंने उसकी बेल्ट का बक्कल खोल दिया और उसकी जीन्स का बटन खोल दिया और मैंने अपने हाथ पीछे से उसकी जीन्स में डाल दिए और पेंटी के ऊपर से ही उसकी गांड और फेरने लगा और मुझे ऐसा करते करते करीब आधा घंटा निकल गया.

फिर मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी और उसके बूब्स को निहारने लगा.. उसके छोटे छोटे बूब्स उसकी गुलाबी कलर की ब्रा में क्या एकदम मस्त लग रहे थे? में तो उनको देखकर एकदम पागल ही हो गया और ब्रा के ऊपर से उन्हे चूसने लगा.. में अपने मुहं से उसके एक बूब्स को चूस रहा था और दूसरे बूब्स को ब्रा के ऊपर से ही दबा रहा था.

फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी जीन्स में आगे की तरफ डाल दिया और पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा और फिर मैंने महसूस किया कि उसकी पेंटी पहले से ही एकदम गीली थी.. इसका मतलब उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया. फिर मैंने थोड़ी देर और उसके बूब्स को चूसना जारी रखा और फिर मैंने उसकी जीन्स उतार दी और अब वो मेरे सामने सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में खड़ी हुई थी और इसी दौरान मैंने अपने भी कपड़े उतार दिए और अब में सिर्फ़ अंडरवियर में उसके सामने खड़ा था. अब मैंने धीरे से उसको बेड पर लेटा दिया और उसके दोनों पैरों को फैला दिया और पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सूंघने लगा.

दोस्तों उसकी चूत के पानी में भीगी पेंटी ने मुझे पागल सा कर दिया और मैंने उसकी पेंटी को चाटना और उसकी चूत को चूसना शुरू कर दिया.. लेकिन अब मुझसे सब्र नहीं हो रहा था और मैंने उसकी ब्रा को निकाल दिया और उसके दोनों बूब्स अपने हाथों में ले लिए और एक बार फिर में उसके बूब्स पर टूट पढ़ा और उन्हे ऐसे चूसने लगा.. जैसे कि दो साल का बच्चा अपनी माँ का दूध पीता है.

फिर में कभी उसके एक बूब्स को चूसता और कभी दूसरे बूब्स को अपने हाथ से दबाता और में बूब्स चूसते चूसते बीच बीच में उसके निप्पल के चारों तरफ अपनी जीभ घुमाता और मेरे ऐसा करने से वो एकदम पागल हो जाती. फिर मैंने बहुत देर तक उसके बूब्स चूसे.. लेकिन में उसके बूब्स चूसते वक़्त एक बार झड़ गया और मेरा अंडरवियर गीला हो गया. फिर मुझे गीले अंडरवियर से बहुत परेशानी होने लगी.. तो मैंने सोचा कि यही एकदम अच्छा मौका है और मैंने अपना अंडरवियर उतार दिया.

फिर मेरे लंड को देखकर वो एकदम घबरा गयी और बोली कि यह क्या है? मैंने तो सोचा था कि सिर्फ़ ब्लू फिल्म के हीरो का ही बहुत बड़ा होता है और अच्छा हुआ मैंने सिर्फ ओरल सेक्स के लिए ही हाँ की है. फिर मैंने भी उसकी हाँ में हाँ मिलाई.. लेकिन मन ही मन सोचा कि बेटा रुक जा.. आज इसी लंड से तेरी चूत और गांड दोनों मारूँगा और ऐसे मारूँगा कि तुझे इसका नशा सा हो जाएगा और फिर तू ही मेरे आगे हाथ जोड़ेगी और कहेगी कि चोद दो मुझे.

फिर में दोबारा उसको किस करने लगा और साथ में उसके बूब्स भी दबा रहा था और उसके जिस्म को चूम रहा था और फिर इसी बीच मेरा लंड फिर से तनकर खड़ा हो गया और मैंने जानबूझ कर अपने लंड को पेंटी के ऊपर से ही उसकी चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया.. इससे शायद उसको मज़ा आने लगा और उसने अपनी दोनों आखें बंद करके.. मोनिंग की आवाज बड़ा दी थी.. वो बेसुध होकर यह सब कर रही थी.

फिर मैंने सोचा कि यही सबसे बड़िया मौका है और मैंने नीचे जाकर अचानक से एक ही झटके में उसकी पेंटी निकाल दी. फिर वो एकदम घबरा गई और उसने अपने दोनों पैर एक दूसरे में फंसा लिए और अपनी चूत को अपने हाथ से ढक लिया और मुझ पर चिल्लाई.

मेघा : आलोक मैंने बोला ना.. यह सब अभी नहीं.

में : हाँ जान याद है.. में वो सब नहीं कर रहा और अब अपने हाथ हटाओ और प्लीज एक बार अपनी सुंदर चिकनी चूत तो दिखाओ.

मेघा : क्या.. यह कैसे शब्द बोल रहे हो?

में : अरे यार अब जो बोला जाता है.. वही बोलूँगा ना. अब चलो तुम भी क्या याद रखोगी.. प्लीज़ मुझे तुम्हारी प्यारी वो दिखाओ.

मेघा : हाँ.. लेकिन उससे पहले तुम मुझसे वादा करो कि तुम वो कुछ नहीं करोगे.

में : हाँ जानू.. में वादा करता हूँ.

मेघा : तो ठीक है मेरी जान और यह लो देखो.

फिर यह बोलते ही मुझे उसकी चूत के दर्शन हुए.. वाह क्या चूत थी. नरम नरम गुलाबी गुलाबी हल्की सी उभरी हुई और बिल्कुल साफ उस पर एक भी बाल नहीं था और मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे वो हर दिन शेव करती है. फिर मैंने सबसे पहले उसकी चूत पर प्यारी सी एक किस दी और मुझे ऐसा लगा कि मानो उसके जिस्म को करंट लग गया हो. फिर मैंने उससे पूछा कि क्यों मज़ा आया? उसने बस हुन्न्न्न किया और कुछ नहीं बोला.

फिर मैंने बोला कि फिर अब देखो कि तुम्हे कितना मज़ा आएगा और यह बोलते ही मैंने उसकी चूत को ऐसे चाटना शुरू कर दिया.. जैसे कि वो शहद का भंडार हो और मेरे ऐसा करते ही उसने मेरा सर अपने दोनों पैरों के बीच में दबा लिया.. लेकिन मैंने उसकी चूत को चूसना बंद नहीं किया. दोस्तों उसकी क्या नरम मुलायम चूत थी और उसकी चूत के पानी ने मुझे दीवाना सा कर दिया और में अपनी पूरी ताक़त लगाकर चूसने लगा.

दोस्तों वो तो मानो पागल ही हो गई और उसकी साँसों की रफ्तार करीब करीब दोगुनी हो गई और साथ साथ उसने मोन करना भी शुरू कर दिया.. ओहह्ह् आलोक ओहह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ आलोक. फिर उसके ऐसा करने से में और भी जोश में आ गया और मैंने पागलों की तरह उसकी चूत का पानी पीना शुरू कर दिया. में कभी उसकी चूत के दाने को चूसता.. तो कभी उसकी पूरी चूत में अपनी जीभ घुमाता और कभी कभी उसके चूत के दाने को हल्का सा काट भी लेता.. जिसकी वजह से वो एकदम सिहर जाती.. तो इस बीच मैंने सोचा कि में उंगली से चुदाई शुरू कर देता हूँ.. लेकिन मैंने देखा कि इसकी चूत की सील अभी तक नहीं टूटी है.. तो मैंने सोचा कि क्यों उंगली को तक़लीफ़ देनी.. यह काम तो मेरा लंड ही करेगा.

फिर मैंने अपना काम लगातार जारी रखा और उसको अपनी जीभ से चोदने लगा और अचानक मैंने महसूस किया कि उसका शरीर एकदम अकड़ने लगा है और अब में समझ गया कि यह झड़ने वाली है और मैंने अपनी जीभ की स्पीड बड़ा दी और करीब एक मिनट के बाद वो झड़ गयी और उसका सारा शरीर एकदम ढीला पड़ गया और में उसकी चूत से निकला सारा रस पी गया. दोस्तों वैसे मुझे बोलना तो नहीं चाहिए.. लेकिन इस दौरान में भी दो बार झड़ चुका था.. क्योंकि यह मेरा पहला सेक्स था और दो बार झड़ने के कारण मेरा लंड मुरझा सा गया था और इसके बाद में मेघा की साईड में आकर लेट गया.

फिर वो बोली कि मज़ा आ गया और ऐसा अहसास उसको आज तक कभी नहीं आया. उसने बताया कि वो अपनी चूत में कभी उंगलियाँ भी नहीं करती और यह उसका पहली बार था. फिर मैंने कहा कि अभी तो शुरुआत है.. आगे आगे देखो होता है क्या और अब मुझे उसकी आँखों में जोश दिख रहा था.

में : चलो अब तुम्हारी बारी.

मेघा : बारी.. क्या मतलब मेरी बारी?

में : बारी का मतलब अब तुम वही करो.. जो मैंने तुम्हारे साथ किया.

मेघा : क्या में इसे अपने मुहं में? नहीं में नहीं ले सकती.

में : ऐसा क्यों?

मेघा : यह कितना गंदा है.. ना बाबा ना.

में : अरे क्या.. अभी मैंने नहीं किया क्या?

मेघा : अरे हाँ.. लेकिन तुम्हारी बात और है.

में : मेरी बात क्यों और है? देखो ना कैसा मुर्झा गया है.. प्लीज इसमें जान डाल दो.

मेघा : नहीं नहीं यह सब मुझसे नहीं होगा.

में : प्लीज डार्लिंग ऐसे ना करो.. एक बार ट्राई तो करो.. क्यों हनीमून खराब कर रही हो?

मेघा : हनीमून.. क्या मतलब?

में : हाँ यह हमारा शादी से पहले का हनीमून है.. देखो अब मेरी नौकरी लग गयी है और एक बार तुम्हारी लग जाए. फिर कॉलेज ख़तम होते ही में तुम्हारे घरवालों से तुम्हारा हाथ माँग लूँगा.

मेघा : क्या सच्ची

में : हाँ एकदम मुच्ची.

मेघा : ओह अंकित.. तुम कितने अच्छे हो.

में : मेघा में तुमसे बहुत प्यार करता हूँ.. क्या अब अपना अधूरा काम करें?

मेघा : हाँ.. लेकिन सिर्फ़ एक बार.

में : हाँ बाबा.. सिर्फ़ एक बार.

मेघा : ठीक है लाओ.

फिर इसके बाद उसने मेरा लंड अपने मुहं में लिया और लोलीपोप की तरह चूसना शुरू कर दिया और धीरे धीरे मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा.. पहले तो वो बहुत नाक सिकोड़कर मेरा लंड अपने मुहं में ले रही थी.. लेकिन बाद में शायद उसे मज़ा आने लगा और वो पूरा मज़ा लेकर मेरा लंड चूसने लगी और बहुत देर चूसने के बाद उसने पूछा कि क्यों कब तक चूसना है?

मैंने कहा कि जब तक तुम्हारी तरह मेरा पानी नहीं निकल जाता और यह बात सुनकर वो फिर से अपने काम पर लग गयी.. लेकिन इस बार वो मेरा लंड और अंदर तक ले रही थी और करीब आधे घंटे तक चूसने के बाद मुझे लगा कि में झड़ने वाला हूँ. फिर मैंने कहा कि मेरा वीर्य निकलने वाला है.. क्या करूँ?

उसने कहा कि मेरे मुहं में ही छोड़ दो. फिर यह बात सुनकर तो जैसे में एकदम चकित हो गया और मैंने पूरे जोश में आकर उसके मुहं को चोदना शुरू कर दिया. करीब 10-15 झटको के बाद में उसके मुहं में ही झड़ गया और वो मेरा सारा माल पी गयी और थककर बिस्तर पर गिर गयी.. उसके बिस्तर पर गिरते ही मुझे उसकी चूत दिख गयी और में फिर से उस पर टूट पड़ा. फिर वो बोली कि यह क्या कर रहे हो? मैंने कहा कि यह मेरी बात मानने का तोहफा.. वो बस मुस्कुराई और मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया.

फिर कुछ देर के बाद उसने फिर से मोन करना शुरू कर दिया और क़रीब 15 मिनट के बाद वो आहह उह्ह्हह्ह आईईईईईइ के साथ झड़ गयी और मैंने एक बार फिर से उसकी चूत का रस पी लिया और उसके साथ बिस्तर पर आकर लेट गया.

मेघा : आलोक तुम बहुत अच्छे हो.. धन्यवाद. तुमने मुझे आज पहली बार ऐसा अहसास दिलाया.

में : क्यों अच्छा लगा ना?

मेघा : हाँ बहुत.. मुझे इससे अच्छा कभी नहीं लगा.

में : तुम्हे इससे भी अच्छा लग सकता है.. अगर तुम मेरी बात मानो तो.

मेघा : क्यों अब क्या बचा है?

में : वही जो तुमने शुरू में मना किया था.

मेघा : नहीं आलोक.. वो सब नहीं.

में : प्लीज़ मेघा हमारा हनीमून है यार और ना जाने ऐसा मौका फिर कब मिलेगा?

मेघा : मिलेगा ना.. हमारी शादी के बाद.

में : हाँ यार.. लेकिन उसमे अभी बहुत टाईम है और अब मुझसे इतना इंतजार नहीं होगा.. प्लीज़ में वादा करता हूँ कि तुम्हे बहुत मज़ा आएगा.

मेघा : क्या मज़ा? मैंने तो सुना है.. इसमें बहुत दर्द होता है.

में : वो सिर्फ 5 मिनट रहता है और उसके बाद जो मज़ा आता है.. उसके आगे यह मज़ा कुछ भी नहीं.

मेघा : ऐसा क्या ( एक शरारती हंसी के साथ ).. लेकिन तुम्हारे पास तो कंडोम भी नहीं है?

में : अरे यार एक पति पत्नी को कंडोम की क्या जरुरत है? और वैसे भी मुझे एड्स नहीं है.

मेघा : नहीं वो बात नहीं है.. यह सिर्फ एक सुरक्षा के लिए.

में : यार तुम एक कंडोम के पीछे इतना रोमेंटिक मौका खराब करोगी और सुरक्षा का क्या है? सुरक्षित रहने के लिए सुबह एक आईपिल खा लेना.. क्या में अब कुछ करूं?

मेघा : हाँ ठीक है ( शरमाते हुए )

फिर में फ़ौरन उठकर गया और टेबल पर रखी हुई तेल की बोटल उठा लाया और बहुत सारा उसकी चूत पर लगाया और फिर अपने लंड पर लगाया.. उसके बाद मैंने उसकी गांड के नीचे एक तकिया लगाया और अपने लंड को उसकी चूत के मुहं पर रखा.. उसकी चूत इतनी गरम थी.. मानो उससे आग निकल रही हो.

फिर मैंने थोड़ी देर लंड को उसकी चूत पर रगड़ा.. शायद मेरे ऐसा करने से वो बैचेन होने लगी और छटपटाने लगी और कहने लगी कि प्लीज जल्दी करो. फिर मैंने सोचा कि यही मौका है और मैंने उससे बोला कि थोड़ा दर्द होगा.. तुम सहन करना और उसने कहा कि ठीक है.. लेकिन मुझे पता था कि मेरा लंड जब भी उसकी सील तोड़ेगा.. तो वो ज़रूर चिल्लाएगी और इसलिए मैंने उसको किस करना शुरू कर दिया और जब उसका उस तरफ ध्यान नहीं था.

मैंने पहला धक्का लगाया.. उसने मेरी पीठ पर अपने नाख़ून मारने शुरू कर दिए और मुझे चोदने को कहने लगी.. लेकिन मैंने उसको किस करना लगातार जारी रखा और एक ज़ोर का झटका मारा और मेरा लंड उसकी सील तोड़ता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया और सील टूटते ही मानो उसकी जान गले तक आ गयी और उसने अपने आपको मुझसे छुड़ाने की बहुत कोशिश की.. लेकिन मैंने उसको किस करना जारी रखा.

फिर थोड़ी देर बाद वो शांत हुई और उसने अपनी गांड को हिलाना शुरू कर दिया और में समझ गया कि यह चुदवाने के लिए तैयार है और मैंने अपने होंठ उसके होंठ से हटा लिए और धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किए. पहले तो मैंने हल्के हल्के धक्के लगाए और फिर धीरे धीरे मैंने अपनी स्पीड बड़ा दी. फिर वो भी अब अपनी गांड हिला हिलाकर मेरा साथ दे रही थी और साथ ही साथ बोल रही थी.. ओहह्ह्ह उह्ह्ह्ह चोदो अह्ह्ह चोदो मुझे और ज़ोर से अह्ह्ह. फिर यह सुनकर मेरी स्पीड और बढ़ गई और करीब आधे घंटे बाद मुझे लगा कि में झड़ने वाला हूँ और इस दौरान वो 4 बार झड़ चुकी थी.

फिर मैंने उससे पूछा कि कहाँ पर झड़ना है? तो उसने कहा कि अंदर नहीं. फिर मैंने कहा कि क्या हुआ.. तुम आईपिल तो ले रही हो. फिर क्या टेन्शन है? उस टाईम वो बहस करने की हालत में नहीं थी.. वो बस आहहउहह ओह अह्ह्ह्हह कर रही थी. फिर करीब 5 मिनट के बाद मेरा बदन अकड़ गया और मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में छोड़ दिया और हम दोनों इसी हालत में करीब आधा घंटा पढ़े रहे. फिर उसके बाद में उठा और बाथरूम में जाकर अपना लंड साफ किया और जब में वापस आया.. तो मैंने देखा कि बिस्तर पर खून ही खून है और मेघा करीब बेहोशी की हालत में पड़ी.. कराह रही है और अब उसकी चूत शायद फट गयी थी.. लेकिन मेरे अंदर की भूख अभी भी शांत नहीं हुई थी. फिर में उसके पास गया और उससे पूछा कि क्यों मज़ा आया? तो उसने हाँ में अपना सर हिलाया.

फिर मैंने पूछा कि क्यों और मज़ा करना है? तो उसने बस हल्की सी स्माईल दी.. शायद वो सच में मुझे अपना पति मान चुकी थी. फिर मैंने उसको उल्टा किया और घोड़ी बनाया और वो बैचारी बार बार गिर रही थी. फिर मैंने उसको कसकर पकड़ लिया और थोड़ी देर बाद उसमे थोड़ी जान आई.. तो वो सीधी हुई. फिर मैंने बहुत सारा तेल इसकी गांड के छेद पर लगाया और बहुत सारा अपने लंड पर लगाया.. वो कुछ भी कहने की हालत में नहीं थी.

फिर मैंने अपने हाथ से उसके मुहं को ढक लिया और एक ही झटके में पूरा का पूरा लंड उसकी गांड में डाल दिया और लंड डलते ही मानो उसमे नयी जान आ गयी और उसने मेरा हाथ हटाना शुरू कर दिया.. लेकिन मैंने भी अपना हाथ नहीं हटाया और तसल्ली से उसकी गांड मारता रहा और थोड़ी देर बाद वो शांत हुई और उसने भी मेरा साथ देना शुरू किया और करीब 15 मिनट उसकी गांड मारने के बाद में उसकी गांड में झड़ गया और अब में इतना थक चुका था कि मुझसे कुछ भी नहीं हो रहा था.. इसलिए मैंने मेघा को सीधा किया और उसकी चूत में अपना लंड डालकर उसके ऊपर ही लेट गया और हम दोनों करीब 3-4 घंटे ऐसे सोते रहे.

फिर जब में उठा तो मेरा लंड फिर से खड़ा हो चुका था और मैंने सोते हुए ही मेघा को चोदना शुरू कर दिया.. वो जाग गयी और उसने भी मेरा पूरा साथ दिया और में फिर से उसकी चूत में झड़ गया और इसके बाद मैंने मेघा को गोद में उठाया और बाथरूम में ले गया.. क्योंकि उससे खुद चला भी नहीं जा रहा था.. वहाँ पर जाकर मैंने उसकी चूत साफ की और उसको अपने हाथ से नहलाया और उसके बाद हमने बाथरूम में भी सेक्स किया.

फिर मैंने अगले पूरे दिन कई बार मेघा की चूत और गांड मारी और मार मारकर उसकी गांड और चूत का भोसड़ा बना दिया और शाम को उसे एक आईपिल लाकर दे दी और आने वाले 4 महीने मैंने जी भरकर उसकी गांड और चूत मारी और अब वो मेरी पर्सनल रंडी बन चुकी थी. जब मेरा मन करता था.. में उसे ले जाकर जी भरकर चोदता था और वो भी बिना कंडोम के और ऐसे जमकर 4 महीने उसकी चुदाई करने के बाद मैंने उससे शादी करने से मना कर दिया. यह बोलकर कि मेरे घर वाले नहीं मान रहे और उसने कुछ भी नहीं किया.. सिर्फ़ मुझसे शादी करने के लिए मेरे आगे हाथ जोड़ती रही. आज भी वो मेरे प्यार में पागल है.. लेकिन दोस्तों अब उसकी चूत में वो बात नहीं रही और अब उसकी चूत एक चुदी हुई रंडी जैसी हो गयी है.

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