कहा नौकरी देगा और दे दिया मुझको बच्चा चोद चोद कर



Click to Download this video!

loading...

नमस्कार दोंस्तों, मैं रानी आपको अपनी आप बीती सुना रही हूँ। मैं झांसी की रहने वाली हूँ। मैं। मैं bsc पास हूँ। कुछ साल पहले सन 2016 में जनवरी महीने में दोंस्तों सफाई कर्मी की भर्ती निकली तो मैंने भी भर दी। दोंस्तों, नौकरी का ऐसा अकाल चल रहा था कि इस नौकरी के लिए ba, ma, mtech, btech वालों ने बनी फॉर्म भर दिया था। मेरी तो हालत वैसे ही खस्ता थी इसलिए मुझको फॉर्म तो भरना ही था। इसलिये मैंने बिना देर किये फॉर्म भर दिया।

दोंस्तों, फिर अख़बार में छापा की 10 हजार सफाई कर्मियों के लिए डेढ़ लाख फॉर्म आये है। सब लोग आपस में चर्चा करने लगे की जिसका जुगाड़ होगा वो नौकरी पा जाएगा। इस।तरह मैं भी जुगाड़ बनाने के लिए झांसी के नगरपालिका ऑफिस के चक्कर लगाने लगी। वहां मुझको सरबजीत नामक।एक आदमी मिला। मैंने अपना परिचय दिया। और पूरी बात बताई। उसने मुझको मुस्कुराकर ऊपर से नीचे तक देखा।
राजी जी!! आप तो समझ लो की आपको ये नौकरी मिल गयी है! बस आप एक काम करो। अपनी सारी मार्कशीट लेकर आज शाम मेरे घर आ जाना सरबजीत बोला।

मैं उसके घर पर गयी। उसने खाकी रंग की सफाई कर्मी वाली वर्दी पहन रखी थी। वो कई सालों से सफाई कर्मी था और अब तो सफाई कर्मी संघ का मंत्री बन गया था। मैंने अपनी सारी मार्कशीट और प्रमाड़पत्र दिखाये।
बहुत अच्छा!।बहुत अच्छा! वो।कहने लगा और मेरी डिग्रियां।देखने लगा। वो बड़ा हसमुख यह। मैंने सोचने लगी बड़ा भला मानस है। कितना मिलनसार है। ये आदमी मुझसे पहले क्यों नही टकराया। सबरजीत ने मेरी सारी।डिग्रियां।देख।ली।
काम।हो जाएगा ! वो बोला
जी धन्यवाद! मैंने आभार जताया
5 लाख आपको मुझे देने होंगे! सबरजीत हस्ते हुए बोला

मेरा तो।दिमाग ही घूम गया।
क्या कहा 5 लाख?? मेरे पास।तो 50 हजार भी नहीं है! मैंने चौककर हाथ हिलाते हुए कहा।
तो आप जा सकती है। लाइन में और लोग भी है जो 6 7 लाख देने को तैयार है! सरबजीत बोला
पर सर, मैं बहुत गरीब लड़की हूँ। कहाँ से लाऊं मैं 5 लाख मैंने कहा
ये आपकी समस्या है। ऊपर अधिकारियों को उनका हिस्सा देना पड़ता है। तुम्हारी नौकरी अगर लगेगी तो कम से कम।5 अधिकारियों के दस्तखत होंगे। कोई भी अधिकारी बिना पैसो के साइन नही करेगा। अगर पैसे नही है तो मेरा समय बर्बाद मत करो। यहाँ से चलती बनो! वो बोला। मेरे प्यारे दोस्तों ये कहानी नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है

मैं तो चक्कर में पढ़ गयी। अभी ये आदमी कितना मीठा मीठा बोल रहा था और देखो अब कैसा पलटी मारा है साले ने। तुरंत अपने फायदे की बात कर दी इसने। पर दोंस्तों, मुझे नौकरी की शख्त जरुरत थी।
सर मैंने तो आपका बड़ा नाम सुना है। तब ही आपके पास आई हूँ। प्लीस कुछ तो कारिये। सब जगहों से ना उम्मीद होके मैं आपके पास आई हूँ। मैं आपका अहसान चूका दूंगी. मैंने कहा और हाथ जोड़े। सरबजीत एक बार फिर से मुसस्कुरा दिया। वो मुझको अर्थपूर्ण नजरों से देखने लगा। कुछ।देर वो चुप रहा। सायद कुछ सोच रहा था। मेरी हालत खराब थी।

बैठो अच्छा! वो बोला
मैं सामने पड़ी कुर्सी पर बैठ गयी। कुछ।देर।तक सोचने विचारने के बाद सरबजीत मेरे पास आया। उसने मेरे कंधे पर हाथ रख दिया।
तो ठीक है रानी!! मैंने अपने पास से 5 लाख रुपए दिए।देता हूँ। बदले में तुमको मुझे हर रात खुश करना पड़ेगा। जब तुम मुझको पैसे लौटा दोगी तब तुम आजाद होगी।।ठीक से सोच लो। अपना पैसा जल्दी कोई किसी अंजान के लिये।नही खर्च करता है  वो मुस्कुराकर बोला। मैं जान गयी की ये मुझको हर।रात चोदने पेलने की बात कर रहा है। मैं बड़ी चक्कर में फस गयी। अब सरबजीत अपने पास से अधिकारियों को पैसे देने की बात कर रहा था। बदले में वो मुझको हर रात चोदने की बात कर रही थी।

वैसे भी मेरा कोई रिश्तेदार, जो मेरे लिए 5 लाख लगा देता। इसलिये दोस्तों, मुझको मजबूरी के सरबजीत का ऑफर लेना पड़ा।
ठीक है सर! मैंने कहा
सारी डिग्री उठाकर मैंने अपनी फाइल में लगा ली। सरबजीत ने मुझको बेडरूम में चलने का इशारा किया। दोंस्तों, मेरे पास और।कोई दूसरा।ऑप्शन नही था। इसलिए मैं अपने दिल पर पर पत्थर रखकर उससे चूदने का फैसला कर लिया। मैं उसके बेडरूम में आ गयी। सबरजीत ने एक ब्लू फिल्म टीवी पर चला दी। वो मेरा पास बेड पर आ गयी। उसने मेरी ठोढ़ी पर हाथ रखा।

तुम चीज तो बड़ी कटीली हो रानी!! कोई यार वॉर है तुम्हारा?? सरबजीत ने मुस्काकर प्यार से पूछा। उसके लाल दाँत चकमे। वो हमेशा पण मसाला खाता था। पुरे दाँत लाल थे उसके। मैं थोड़ा घबरा गयी।
जी कुछ साल पहले मेरा एक बॉयफ्रेंड था! मैंने कहा
अच्छा! तो लण्ड का स्वाद ले चुकी हो। तब तो आज तुमको चूदने में कोई दर्द वर्द नही होगा वो बोला। उससे मेरे गोरे गालों को चूम लिया। मेरी साड़ी पर जांघ के ऊपर उसने हाथ रख दिया। मैंने थोड़ा घबरा गयी।
डरो मत रानी अब तो तुमको नौकरी करनी है मेरे विभाग में! वो हँसकर बोला।
मैंने बदर्दस्त कर लिया। सरबजीत अब मुझपर झुक गया। मेरे गले, ठोड़ी, गालों को चूमने चाटने लगा। उसका एक हाथ मेरी पीठ पर और दूसरा हाथ मेरी जांघ पर था। अब तक मैं नँगी नहीं हुई थी, अभी तक मैं कपड़ों में थी। लगता है ये कमीना आज मुझको जमकर चोदेगा। मैंने मन ही मन सोचा।
रानी बेबी! खुलकर दो ना। ऐसे शर्म करोगी तो ना तुमको।चूदने में मजा आएगा और ना मुझको तुमको चोदने में सुख मिलेगा  वो बोला।

तो दोंस्तों, जब मैंने ये सुना तो सोचा की जब मुझको आखिर  इस चण्डाल से चुदना ही है तो क्यों ना इसकी फरमाइस पूरी कर दु। तो अब मैं उसको खुलकर देने लगी। उसने मुझे बेड पर लिटा दिया। प्यासा भंवरा सा वो मुझपर टूट पड़ा। मैंने भी कुछ नही कहा। क्योंकि वो मुझको नौकरी दे रहा था। सरबजीत मुझ पर चढ़ गया। मेरे बदन से वो खेलने लगा। सायद उनको बहुत दिनों से कोई चूत नही मिली होगी इसलिये मुझ बेसहारा को पाकर वो बहुत खुश हो गया था।

उसके हाथ अब मेरे उरोजों को टच करने लगे। मैं सहम गयी। थोड़ा पीछे हट गयी। मेरा दिल तो उससे दूर भागने को कह रहा था, पर दिमाग कह रहा था कि हजारों लड़कियां बड़े अफसरों का बिस्तर गर्म करके आगे बढ़ जाती है। इसमें क्या गलत है। सारी दुनिया हिंदुस्तान में जुगाड़ का सहारा।लेती है। अगर।तू भी जुगाड़ का सहारा ले रही है।तो क्या गलत है। वैसे भी मैं कोई टॉपर तो थी की नौकरी में मेरा नाम सबसे पहले आ गए। इसलिये दोंस्तों, ना चाहते हुए भी आज मुझको इस मौकापरस्त चांडाल से।चुदना पड़ रहा था।

सरकते सरकते सरबजीत का हाथ मेरी साड़ी के अंदर चला गया। मैं अब उस पान मसाला खाने वाले सीनियर सफाई कर्मी सरबजीत के बाँहों में कैद हो गयी थी। मैं अब चाहकर भी नहीं भाग सकती थी। धीरे धीरे उसके हाथ मेरे ब्लाऊज़ के बटन पर पहुँच गए। वो खट खट करके एक एक बटन खोलता चला गया। मैं चाहकर भी उसको मना नहीं कर पाई। क्योंकि मैं गरीब और जरूरतमंद मजबूर लड़की थी। सारी दुनिया मजबूर का फायदा उठाती है तो सरबजीत उठा रहा है तो क्या गलत कर रहा है।

मैंने खुद को अब अपनी आत्मा पर पत्तर रखकर उनके हवाले कर दिया। आ साले चोद ले मुझको! तू भी क्या याद करेगा की कोई बन्दी मिली थी! मैंने मन ही मन कहा। अब तक मेरे ब्लॉउज़ की सब बटने खुल चुकी थी। उसने मुझको जरा करवट दिलाई और मेरे आसमानी रंग के ब्लॉउज़ को उतार दिया। खुशि और वासना से उसकी आँखे चमक गयी। वो मेरे उरोजों को पीने लगा। मुझे भी थोड़ा मजा मिला। मेरे बगलों में काफी बाल थे। कई महीनो से ना तो मैंने बगले बनांई थी और ना झाँटे बनायीं थी। क्योंकि मेरे पास किसी लण्ड का इंतजाम नही था। मुझे क्या पता था की आज मैं चुद जाऊंगी। चलो नौकरी के साथ साथ मेरे लिए लण्ड का भी इंतजाम हो गया। मैंने सोचा।

मैं अब पूरी तरह से सरबजीत के बाहुपाश में आ गयी थी। किसी अजगर की तरह मैं उसके दोनों हाथों और दोनों पैरों में जकड़ गयी थी। मैं चाह कर भी नहीं भाग सकती थी। सरबजीत मेरे उरोजों को अब पी रहा था। उसके मोटे मोटे लंबे चौड़े हाथ मेरी नँगी पीठ पर यहाँ वहां सरक रहे थे। वो शाड़ा मुझको सहला सहलाकर मेरे उरोज पी रहा था। मेरे उरोज दुधभरे मक्खन से, गोल बड़े बड़े शहद जैसे मीठे थे। सरबजीत मेरे उरोजों का सारा रस पी रहा था। मैं असहाय थी। सरबजीत ने मेरे जुड़े में लगी क्लिप निकाल दी। मेरा काले घने लंबे चमकीले बाल खुल गए। चण्डाल! मुझको अपनी बीवी समझ के पेल रहा था। पर मैं कुछ नही कर सकती थी।

वो मेरे उरोज पीने में मस्त था। मेरा बदन अब गरम हो रहा था। सायद मैं भी चुदना चाहती थी। सरबजीत की पान मसाले की महक बहुत बास मार रही थी। पर मैं किसी तरह सह रही थी। वो मेरे गोल गोल उरोजों को खूब मस्ती से पी रहा था। मेरे काले काले बाल अब बिखर गए थे। अब मैं और भी जादा हसींन और खूबसूरत लग रही थी। चांडाल मुझको अपनी बीवी समझ् के पेल रहा था। उसके हाथ मेरी नँगी चिकनी पीठ पर यहाँ वहां साँप की तरह रेंग रहे थे। अब उसने मुझको करवट दिला दी। वो मेरी पीठ को चूमने, चाटने और काटने लगा। उसने साड़ी निकाल दी। फिर मेरे आसमानी रंग के पेटीकोट का नारा खोल दिया।

दोंस्तों, अब तो मैं बेआभरू होने वाली थी। किसी आक्रमड़कारी की तरह वो मेरे इलाके में घुसता ही जा रहा था। और उसका सिर्फ एक मकसद था मेरी योनि को निस्तोनाबूद कर देना। मेरी आसमानी पेटोकोट को उसने नीचे सरका दिया। अब मैं एक तरह से नँगी हो गयी थी। मैंने एक बहुत ही महीन कपड़े वाली उंडेरवीयर पहन रखी थी। सरबजीत मेरे टाँगों, जांघो, पूट्ठों, सब जगह हाथ लगाने लगा। फिराने लगा। मैं अपना बचाव ना कर पाई। क्योंकि मुझको नौकरी चाहिए थी।

एक पर जहाँ वो मेरे मस्त मस्त शहद से मीठे उरोज पी रहा था वहीँ अब उसका हाथ मेरी नाभि और पेड़ू पर आ गया था। मुझको अपनी बीवी की तरह चोद रहा था। मैंने कुछ नहीं कहा। अब उसका हाथ मेरी बुर पर आ गया। चड्डी के ऊपर से मेरी बुर पर वो हाथ लगाने लगा। मैंने उसको नही रोका। दोंस्तों, अब वो मेरी बुर पर ऊँगली करने लगा। जैसे कोई अपनी ऊँगली से पानी में रंग घोलता है उसी तरह मेरी बुर में वो अपनी वासना घोलने लगा। मैं तड़प उठी। आज ये चण्डाल मुझको छोड़ेगा नहीं। मैंने जान गयी थी।

मेरी योनि गीली होने लगी। साथ ही उसके स्पर्श से नरम हो गयी। मेरी चूत का रोम रोम उसके छुअन से जाग गया था। लगता था आज वो मुझको बहुत ज्यादा चोदेगा। फिर सरबजीत ने मेरे लाल सुर्ख होंठों पर अपने पान मसाले वाले होंठ रख दिए। और मेरे लब चूमने लगा। सरबजीत के बाँहों में मैं अब पूरी तरह से नँगी थी। पर चड्ढी ही मैंने पहन रखी थी। वो मेरे उरोजों को दबा रहा था। जहाँ मन करता था वहां दबा रहा था। उसका मुँह अब मेरे मुँह पर था। मैंने उसको एक तरह ढकेल दिया। वो हँस दिया।
रानी बेबी!! लगता है तुमको मेरे मुँह की पण मसाले की महक कुछ जमी नही! कोई बात नहीं! सरबजीत कुटिल हँसी हँसता हुआ बोला।

बकलोल ने मेरी चटक रंग की बैंगनी चड्ढी में अपना हाथ डाल दिया और नीचे खींचने लगा। जल्दी से मेरे दोनों हाथ मेरी योनि को ढकने के लिए दौड़े। क्योंकि कैसी भी औरत हो हमेशा अपनी इज्जत बचाने की कोसिस करती है। चाहे कैसे भी औरत हो। वो चण्डाल धीरे धीरे मेरी चड्ढी को नीचे और नीचे खिंचता चला गया। मैं कुछ ना कर सकी। मेरी गोरी गोरी मांसल जाँधे अब उसके समक्ष उजागर हो गयी। सर्म और हया से पानी पानी पानी हो गयी थी। मेरी चटख बैंगनी सूती चढ़ी मेरे गोल गोल बेहद खूबसूरत घुटनों में फस गयी। उसने मेरे घुटनों को जरा ऊपर किया और निकालने लगा।

दोंस्तों, मैं धीरे धीरे अब पूरी की पूरी बेपर्दा और नँगी होती जा रही थी। सरम और लाज तो बहुत आ रही थी, पर मैंने सोचा की देस में कितनी ही लड़कियाँ इस दौर से गुजरती है। कुछ पाने के लिए दुनिया में सायद बहुत कुछ खोना पड़ता है। हर चीज की इस दुनिया में कुछ कीमत होती है। कुछ भी मुफ्त का नहीं मिलता। मैंने अपने पर ये सोचकर काबू कर लिया। उधर सरबजीत मेरे ठोकने के लिये मरा जा रहा था। मेरी चड्ढी अब मेरे टखनों तक आ गयी थी। और आपको बता दूं कि मेरे टखने बहुत खूबसूरत है। अब चड्ढी मेरी एड़ियों में फँस गयी। सरबजीत ने मेरी ऐड़ी को ऊपर उठाया और चड्ढी निकाल दी। हाय! आज तो मैं बेपर्दा हो गयी। जिस योनि को मैंने हमेशा ढककर छुपाकर रखा था आज वो इस चालबाज के सामने आ ही गयी। जिस योनि को मैंने अपने मोहल्ले के लोफड़ लड़कों की गन्दी नजर से बचाकर रखा था आज वो इस चण्डाल के पास आ ही गयी। सरबजीत की आँखे चील सी मेरी योनि पर टिक गयी। बुर के ऊपरी भाग पर खूब झांटे थी।
आह्हः उसने मेरी झांटों के बीच अपनी नाक लाकर सूंघी। झांटों के अंदर मेरी छिपी हुई  योनि की खुश्बु उसको आ गयी। वो पागल सा हो गया।

मुझे लड़कियों को झांटों में चोदना खूब पसंद है! वो हँसकर बोला
जितने हसींन मेरे मुँह के गुलाबी होंठ थे, उतने ही हसींन मेरी चूत के होंठ थे। सरबजीत ने अब मेरे दोनों पैर खोल दिए। अब उसको मेरी बुर साफ साफ दिख रही थी। वो चाटने लगा। मैं कसक गयी। उसकी नाक मेरी लम्बी लम्बी छल्लेदार झांटों को कहीं छिप गयी। मैंने उसको नही रोका। सायद कहीं ना कहीं मैं भी चुदवाना चाहती थी। वो मेरी बुर पीने लगा। मेरा हाथ उसके सर पर चला गया। मैं भी मचल मचलके उसके सिर पर हाथ फेरने लगी। सरबजीत बहुत बड़ा वाला बुर चटऊवल निकल गया दोंस्तों। मेरी बुर छोड़ने का नाम ही नही ले रहा था। चाटे जा रहा था, बस चाटे ही जा रहा था। मेरी बुर अब बेहने लगी थी। जैसे कढ़ाई में मक्खन गर्म होकर पिघलने लगता है ठीक वैसे ही हाल मेरी बुर का था दोंस्तों। सरबजीत ने एक लंबी पेंसिल उठा ली और मेरी बुर में अंदर बाहर करने लगा।
देख रानी!! इसो से मैं हर लड़की को तड़पता हूँ! वो मुझको पेंसिल दिखाकर बोला। मैंने कुछ नही कहा।

चण्डाल ने पूरी इतनी लंबी पेन्सिल मेरी योनि में पेल दी। और जल्दी जल्दी अंदर बाहर करने लगा। मैं दर्द से कराहने लगी। पेंसिल बहुत लंबी थी। मेरी योनि के हर हिस्से को टच कर रही थी। अब सरबजीत मेरे ऊपर लेट गया। लण्ड मेरी योनि के द्वार पर रखा लंड अंदर ढकेला। मैं तड़प गयी। लण्ड मेरी योनि में आक्रमड़कारी की तरह अंदर दाखिल हो गया। और मुझे और मेरी योनि को कूटने लगा। मैं कच्ची काली सी कसमसा गयी। सरबजीत मुझको मनचाहे तरीके से चोदने लगा। दोंस्तों, मैं कुछ ना कर सकी। एक ओर वो जहाँ मेरे उरोज पी रहा था, तो दूसरी ओर मेरी नाजक योनि को कुट रहा था। दोंस्तों, मैं अपनी इज्जत नही बचा पायी। मैं खुद को अब उस चण्डाल से चुदवा रही थी।

वो जल्दी जल्दी अपनी कमर चलाने लगा। मेरी बुर के परखच्चे उड़ गये। वो किसी मसीन की तरह मुझको ठोक रहा था। मैं कुछ ना कर सकी। उसके जोरदार धक्कों ने मेरे उरोज ऊपर नीचे हच हच करके हिल रहे थे। जैसे मैं जीप में बैठी हूँ और ड्राइवर गड्ढे खन्दक में जीप चला रहा था। सरबजीत ही इस समय मेरी सीट पर बैठा मेरी चूत चला रहा था। वो सच में मुझको इतनी देदर्दी से ले रहा था कि लग रहा था जैसे मैं किसी गड्ढे में जा रही हूँ।

मुझको पेलते पेलते उसका चेहरा लाल हो गया। उसका बदन ऐंठ गया। आ आआहा वो करने लगा। माँ माँ मैं चुदते चुदते अपनी माँ को याद करने लगी। फिर कुछ सेकंड उस कलमुये से मुझको किसी मशीन की तरह रगड़ा। पर उसका चेहरा बिलकुल लाल हो गया। उसने मेरी बुर में अपना गरम गरम माल छोड़ दिया।

दोंस्तों, उस कलमुये ने मुझको इसी तरह 1 साल चोदा। एक से एक नए नए बहाने बनाये, फिर कुछ दिनों पहले ही मुझको पता चला की जिस्को नौकरी मिलनी थी मिल गयी थी। मैं गुस्से से आग बबूला हो गयी। अगली सुबह ही मैं नगरपालिका दफ्तर गयी। मैंने सोच लिया था कि अगर सरबजीत ने आज कोई दूसरा बहाना बनाया तो मैं उसको सबसे सामने नँगा कर दूंगी। पुलिस में रिपोर्ट लिखवा दूंगी। पर दोंस्तों जब मैं सुबह गयी तो पता चला की साले ने उत्तराखंड ट्रांसफर करवा लिया है।

मैंने अपनी आपबीती सभी को बताई। ये भी बताया कि नौकरी के नाम पर उसने 1 वर्ष तक मेरा यौन उत्पीड़न किया है। और अब मैं उसके बच्चे की माँ बनने वाली हूँ।
रानी जी, सरबजीत ने आपको नहीं बहुत ही मासुम् लडकियो का यौन उत्पीड़न किया है! वहां के एक बाबू ने बताया। मैंने पुलिस में रिपोर्ट लिखवा दी। जब पुलिस ने उत्तराखंड में छापा मारा तो वो कालमुआ भाग गया। अब आप ही बताये की मैं क्या करो। चण्डाल ने कहा था नौकरी देगा और दे दिया मुझको बच्चा। अब दोंस्तों, मैं इस बच्चे को लेकर कहाँ जाऊ।



loading...

और कहानिया

loading...
4 Comments
  1. February 26, 2017 |
  2. February 26, 2017 |
  3. Yogesh Sharma
    February 26, 2017 |
  4. skts
    February 26, 2017 |

Online porn video at mobile phone


पाडी और पाडा सेकसीhenade sakse khaneya ma or batakecudae kesay krtay hayhai nb kamukta kahani xxxNew pati aur patni ki xxx kahani muha me peshab karke hindi meचूदाईलडकियाmaa ne papa samjkar chudwayaSex story नादानी की चुदाईbur ki chudai hd mashaj ka satth maybahan ne 15 sal ke bhai se chudai karai ki kahanifree chut bulla kahani pakistanichutme land kaise dale hindisax story hind mamaa chut dikhakar muje chodne ke liye bolimummy ne gusse me chudvaya hinde sex storys xxx.bhabi.ki.chodi.khani.video.comlambe mote land se chudai hindi me antarvasnagirl friend मनाकर चुत मारनाmastram.com.dadisexi bur storixxx videos khatanak mota land 7inchjiji ne 15 sal ke bhai se chudai karai ki kahaniकिराएदार ने चोदा kahaniantrvasna hindi bhai bhanमेरी चूत लन्ङ की प्यसीभोली भाली नौकरानी को पटाकर चोदाbur ki chodai ledanadanसेक्स िस्टोरी बाटेजिमी और मोसि की रेप विडिओ wwwxxxpribar antrvasnakamuktabhai bhana dese porn vedois omly 15 salsex video hindi awaz me bat karte huy xxxxभाभी को चुदाया पार्टी मे सेक्स वेडो माँ की मालिश बहन की चुड़ै विथ फोटूcrazy sex story land khane se baccha huabeta ka bada land dekh ke ma janwar sex storyx.zoo.risto.ki.hindi.kahani.भोजपुरी स्टोरी डॉग गर्ल क्सक्सक्सbudhe ne biwi ko choda sexy storiesbers dalkar ladki ko pradenent kiya sex storykamukta hindi archiver sex storybap me chodne ke bad bete ne maa ko chodanew bhabhi ki chodai ki milkar pariwarSAKAX KAHANEYAek ke bad ekgurup chudai Hindi sexy xvideofriendly mummy ne chodajAnleva gand chudai khanisister chudaistory hinde image jngl me janvr k sath chudai kahani kahaniबेटी को जबरदती बूर चोदा उसके बाद मे बहन को चोदbiwi ko train me muslim ne choda sex storyshotali bhan ke chuday kahani xxx sexybhabhi panikahani.comBHAI BAHAN KI HOLY DIWALI KI SEXY KAHANIबेबी को लैंड से खिलाया और चौड़ाhindi ma saxe khaneyasexy chuydichoden.sexkhani.netstar plas ki chudai sexy nonveg storikamukta iestori hndi comeअनतरवासना हिन्दी पहली जबरदस्ती चुदाई 17 साल की लडकी की कहानीmami ko apna bana kr chodafacebookpar mili girl ke sath sex stories in hindima.our.bata.xxx.kahani2018purani majburi me zabardasti chudai stories in hindisix khani didi or mainphn sex stories in hindi yum sex storiessavita bhabhi kahani hindiमाँ बेटा समागम चुदाई की कहानीsex.com jeth ji se jamkar chudi hindi kahanipariwar me chudai ke bhukhe or nange logkamukta bidesi sindi ki groupchudaibas me chudae bhabi ne hinadi meहिंदी POTA XXX